naveen's blog - कुछ ख्वाब अधूरे से..
Monday, June 3, 2013
उँगलियाँ तैरती जाती हैं पन्ने पलटते रहते हैं कहीं सिलवटें, कहीं करवटें कहीं काले गुलाबी धब्बे तो कहीं ख़ुद को ही मैं छोड़ आता हूँ इतने सारे Chapters गुज़र गए हैं कि लगता है अनपढ़ रहता तो ज्यादा ख़ुश रहता
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